ज़िले पश्चिमी उत्तरप्रदेश,
उत्तर प्रदेश जनसंख्या के दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है जिसकी आबादी 22 करोड़ से भी ज्यादा है जो पूरे विश्व में सिर्फ 5 देशों ( चीन, भारत, अमेरिका, इण्डोनेशिया व ब्राज़ील) की आबादी उत्तर प्रदेश से ज्यादा है, बाकी अन्य सभी दुनिया के देशों से उत्तर प्रदेश की आबादी ज्यादा है।
2. लोक सभा सदस्यों संख्या - 80
राजसभा सदस्यों संख्या- 31
विधानसभा सदस्य संख्या - 403 + 1 (एंग्लोइंडियन) = 404
विधान परिषद सदस्यों संख्या - 99 +1(एंगलो इंडियन) = 100
मंडलों की संख्या- 18
जिलों की संख्या- 75
तहसीलों की संख्या- 332
शहरों की संख्या - 742
गांव की संख्या - 307,452
सबसे बड़ा जिला :जनसंख्या की दृष्टि से - आगरा
क्षेत्रफल की दृष्टि से - लखीमपुर खीरी
सबसे 👍: जनसंख्या की दृष्टि से - महोबा,क्षेत्रफल की दृष्टि से - सन्त रविदास नगर
सर्वाधिक विकास दर वाला जिला - बहराइच (46.48%)
सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला जिला - लखीमपुर खीरी (7,680)
सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला - गाजियाबाद (3967)
सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला - गौतम बुद्ध नगर
सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला - आगरा (6,170,301)
सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला - जौनपुर (1024)
उत्तर प्रदेश में कुल 18 मंडल है, एक मंडल में कम से कम 3 जिले हैं और ज्यादा से ज्यादा 6 जिले हैं ! एक लाख गांव हैं।
बृज प्रान्त: 12
1.आगरा मंडल - 4
मैनपुरी, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद,
2. अलीगढ़ मंडल - 4
अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा।
बरेली मंडल - 4
बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर
6. बस्ती मंडल - 3
मेरठ प्रान्त:
16. मुरादाबाद मंडल - 5
बिजनौर, अमरोहा, मोरादाबाद, रामपुर, संभल
17. सहारनपुर मंडल - 3
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली
4. आजमगढ़ मंडल - 3
आजमगढ़, बलिया, मौ
5.
बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर
7. चित्रकूट मंडल - 4
बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा
8. देविपटन (गोंडा) मंडल - 4
बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती
9. फ़ाज़ाबाद मंडल - 5
अम्बेडकर नगर, बाराबंकी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अमेठी
10.गोरखपुर मंडल - 4
देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज
11. झांसी मंडल - 3
जालौन, झांसी, ललितपुर
15. कानपुर मंडल - 6
औरय्या, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहट, कानपुर नगर
13. लखनऊ मंडल - 6
हरदोई, लखीमपुर खेड़ी, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव
14. मेरठ मंडल - 6
बागपत, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, हापुर
3. इलाहाबाद मंडल - 4
इलाहाबाद, फतेहपुर, कौशंबी, प्रतापग
15. मिर्जापुर मंडल - 3
मिर्जापुर, संत रवीदास नगर, सोनभद्र
18.वाराणसी मंडल - 4
चांदौली, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी
उतर प्रदेश के जिलों इतिहास
28 सितंबर 2011 से पहले उत्तर प्रदेश में जिलों की संख्या 72 था! प्रबुद्ध नगर 73वां जिला, पंचशीलनगर 74वां जिला और भीम नगर 75वां जिला बना था !
1994 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ 52 जिले थे इसी वर्ष 20 नए जिले बने थे !
2. 1. 13 zila, bahoat, gaziabad, Saharanpur
Saharanpur meerut, moradabad commission
Saharanpur
Vibhag
Saharanpur,
Mujjfrnagar,
Meerut, {shamli, baghpat,, goutambudhnagar, hapur,gaziabad, bulandshahar (amroha, sambhal,
Moradabad, bijnor,)
Sah samrkprmumh ch karamveer,
Sudhansu vibhag bijnor, udhampur, bijnor, amroha,
8705919952
. राजीव जी के साथ गट
बनाया 15 कार्यकर्ताओं का 23,5,18 को शाहजहांपुर में
1. रामकुमार जी लुकसर
2. धर्मेंद्र सिंह चौहान, देहरादून।
3. संजय चतुर्वेदी, हरिद्वार
4. मनोज मिश्रा, हरदोई
5. पृथ्वीपति सचान, कानपुर
6.अनुपम श्रीवास्तव, लखनऊ
7. सुरेश बहादुर सिंह, प्रयाग
8. अमितेश जी,शाहजहांपुर
9. डॉ लवकुश मिश्रा, आगरा,
10.डॉ राजीव अगरवाल, अलीगढ़
11. रजनीश राघव,
12.उमेश गर्ग, आगरा
13.डेविड जी, एटा
14. कपिल नारंग, मोरादाबाद
15. फरद अलीखान, रामपुर
(13 ज़िलों में ये कार्यकर्ता हैं और चारो प्रान्तों में है।
II. इसके अतिरिक्त बात हुई कि वर्ग के प्रमुख वे स्वयं रहेंगे और दो सहायक, श्री लवकुश जी और अनिल लोहरी रहे गे। बाकी दायित्व भी उनके साथ बैठ कर तय करेंगे। वे 28 से दिल्ली में है औरस दरम्यान बैठेंगे। ऐसे प्रमुख लोगों के साथ भी बैठेंगे और वक्त अखिल भारतीय 7, और अन्यों के भी काम बांटेगे।
III. बृजप्रान्त के 12 ज़िलों का भी विचार हुआ, तीन जिलों में काम नहीं है, मैनपुरी, बदायूं और तीसरे फिरोजाबाद। तीन कमिशिनरियां आगरा, जिसमें आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी व मथुरा।
दूसरा है, अलीगढ़, जिसमे अलीगढ़, एटा,हाथरस व कासगंज हैं,
तीसरी बरेली, जिसमे बरेली,बदायूं, पीलीभीत व शाहजहांपुर है। संघ के विभाग पूछने है।
कल श्री अनिल जी मैनपुरी गए थे, लगता है कि ज़िला वो खड़ा हो जाएगा। फिरोजाबाद की भी संभावना इंडस्ट्री क्लस्टर के कारण है।
VI. इसमें मेरा प्रवास शाहजहांपुर, पीलीभीत, कासगंज, एटा, हाथरस, मथुरा,आलिगढ़, आगरा, बरेली, यानी 9 ज़िलों में हुआ है, शेष तीन मैनपुरी, बदायू, और फिरोजाबाद ही नहीं हुआ है।
V. तीन स्थान ऐसे है एटा, अलीगढ़ और शाहजहांपुर जहां ताक़त है और कोई भी बड़ा कार्यक्रम हो सकता है। तीनो जगह तीन प्रमुख कार्यकर्ता हैं, क्रमशः डेविड जी , राजीव जी व अमितेश जी, जो कि सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त अभी डॉ लवकुश मिश्रा सह प्रान्त संयोजक, जी ऐसे व्यक्ति बै जो बैठकों आदि में पूरा समय रह सकते है। शायद प्रवास भी कर सकेंगे।
4. मुज्जफरनगर प्रवास:
1. ज़िला संयोजक, संदीप गुप्ता, टीचर, इंस्टिट्यूट, 99979 39428, 95487 23342
M A बीएड,
2. नगर , सार्थक शर्मा, घर गए थे, 9897572750, 7906632839, टीचर प्राइमरी,
3. नीरज शर्मा, प्रांतीय परिषद, जुवेनाइल कोर्ट, प्रांतीय परिषद,
4. ओंकार सिंह अहलावत, ठेकेदार, सह ज़िला संयोजक, 9457215501,
5. प्रवीण जी, जिसके घर पहले गए, 9716925500, बाबारामदेव, it, सोशल मीडिया, पिताजी तहसीलदार,
6. ,,,,
गट
1. Pradeep puneet, zila s shamli,
2. Bijnor,
2.meerut lokendra,.....
2/10/20आशा है आपके क्षेत्र में शताब्दी वर्ष समारोप कार्यक्रम बढिया से चल रहे होंगे। हर ज़िले में ये कार्यक्रम सम्पन्न हों, ऐसा मोटा लक्ष्य रखा था, और ज़िले में छोटे छोटे कार्यक्रम हों तथा उनकी संख्या भी एकत्रित करने का काम चल रहा होगा।
कभी कभी ऐसा भी लगता है कि कार्यक्रम करना आसान हित है परन्तु उसका वृत इकट्ठा करना मुश्किल!! तो भी वृत तो इकट्ठा करना ही होता है।
1. वैसे तो संकलन का कार्य मुख्यतः क्षेत्र अनुसार करना है तो भी अखिल भारतीय स्तर पर सूरज जी को एकत्रित करने को कहा है। उसने पूरे देश के प्रांत व ज़िलों की सूची बनाई है। उसके द्वारा 734 ज़िलों की सूची एकत्रित हुए है जबकि विकिपीडिया बोलता है कि 739 ज़िले अब हैं। अपने क्षेत्र की सूची का मिलान कर देखलें, कहाँ कोई गड़बड़ है। आपके यहाँ विशेषरूप से 13 उत्तराखंड व 26 पश्चिम उत्तरप्रदेश के, अर्थात 39 ज़िलों की दृष्टि से तीन ज़िले आपने सर्वाधिक कमजोर बताए थे, उनकी चिंता वालंटियर डेटा से सम्पर्क व अन्य माध्यमों से आपने कर रहे होंगे। इसमे में भी इनमें से बृज सम्भाग की चिंता विशेषरूप से करनी होगी।
2. उसे कहा है कि प्रान्त अनुसार पूछले की आज किस ज़िले में कितने कार्यक्रम हुए है, और आपभी उसमे उसकी सहायता करें। अर्थात रात्रि 8 से 9 बजे तक मिलान करलें की कोई जानकारी छूट न जाए।
3. अभी कार्यक्रमों की गति धीमी चल रही है, पूछताछ व प्रेरणा और बढ़ानी पड़ेगी, और कुछ नए प्रयोग ध्यान भी आ रहे हैं। एक प्रयोग जैसे कुछ कार्यकर्ताओं ने लक्ष्य लिया है कि फ़ोन द्वारा बात करके परिचितों को ऐसे कार्यक्रम करवाने के लिए कहना। एक -एक व्यक्ति ने शताब्दी वर्ष होने के कारण सौ कार्यक्रम अपने प्रयास से करवाना और बाद में उस प्रान्त में उसकी संख्या जुड़वाने का सुप्रयास करने का सोचा है, और उन्हें सफलता भी मिल रही है।
4. प्रमुख कार्यकर्ताओं को कमजोर ज़िलों की चिंता करनी होगी।
आपके मन में अपने क्षेत्र सम्बन्धी या अन्य लोगों के लिए सुझाव हो तो दीजिए।
ऐसा ही पत्र श्री अजय उपाध्याय को भी लिखा जिसमे 26 पूर्वी उत्तरप्रदेश व 23 अवध प्रान्त का जिक्र किया है। वैसे उसने भी सर्वेश जी को गोरक्ष, vk सिंह को वाराणसी, व ऐसे ही अवध को भी बांटा है।
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