विदर्भ
मैं 14,15,16 ऑक्टोबर 2019 को प्रवास पर आया। पहले दिन सकोली गए दूसरे दिन नागपुर, तीसरे दिन वहां से गये अकोला।
It comprises 11 districts:
Amravati, अनिल अभ्यंकर
Akola, बबलू जोशी,
Bhandara, कल घे, sakoli and lakhni gye
Buldhana, mehkar एंड chikli जाएंगे।
Chandrapur, सक्रिय नहीं।
Gadchiroli, कोई नहीं।
Gondia, गौरव घोटे
Nagpur, रामटेक, मंसर
Wardha महाराज जी
, Washim सक्रिय नहीं राजदत्त पाठक, and Yavatmal. व्यक्ति तो है, सक्रिय नहीं।
सिर्फ एक जिला या विभाग रामटेक के व्यक्ति
1 Dhannjay Singh SJM Vidarbh Pramukh 946102527
2 Shirish Tare SJM Vidarbh
3 Jyant Deshpandey SJM Vidarbh
4 Manoj Bongaiwar SJM Vidarbh
5 Gaurav Ghote SJM Vidarbh
6 Gajan Pandey Grahak Pancayat Vidarbh 9422116281
7 Ganjanand Garegwar Mazdoor Sangh Vidarbh 9975829579
8 Ajay Bondre Kisan Sangh Vidarbh
9 Satish Khone Vidhya Bharti Vidarbh
10 Chandrkant Ragir Abvp Vidarbh 9421701502
11 Meera Kadwe Vidarbh 9421787184
12 Karuna Sathe Sewika Smiti Vidarbh
13 Yogesh bun Shiksha Parishad Vidarbh 9823044403
14 Padmaker Dhanorker Bharat Vikas Pari Vidarbh 9822591623
क्रमांक 1 पुरुषोत्तम जी गोरौ, 9403375313, महानगर सम्पर्क प्रमुख और चार ज़िलें भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर व गढ़चिरौली। दत्तात्रय नगर। जो कई संगठनों में काम किया है अभी स्वदेशी में है और सामाजिक संगठनों की कंसलटेंसी भी जानते हैं। प्रोजेक्ट बनाकर देने का काम। एमकॉम किया। विस्तारक उमरेड, 84-85, पूर्णकालिक गढ़चिरौली व चंद्रपुर तीन साल रहे। डॉ हेडगेवार जन्मशताब्दी , मधुकर रॉ के घर निवास रहता था। 1996 तक।
क्रमांक 2 पहले से सुभाष देशकर भाग अंजनी भाग संचालक रहे । अब प्रौढ का महानगर का काम है।
3.सुभाष दानव, विदर्भ हाउसिंग सोसाइटी में काम। मध्य नागपुर के स्वदेशी संयोजक। no 8830734071 ये हंसापुरी खदान में रहते है यानी इतवारी क्षेत्र।
4. जयश्री गुप्ता, मध्यभाग में महिला प्रमुख। इनका नंबर 8329876315, हंसापुरी।
दिनांक 27.5.26 को नागपुर का प्रवास हुआ था संघ शिक्षावर में , उसे समय चार जिलों में जाना हुआ अकोला वाशिम नागपुर और भंडारा और चारों जगह साथ मैं योगेश कोठेकर और शिवाजीभल तिलक प्रांत संयोजक रहे। नीचे का अपडेट किया
1. विदर्भ महाराष्ट्र प्रांत का एक उपक्षेत्र है। इस उपक्षेत्र में कुल 11 जिले है. कुल महाराष्ट्र की 21.3 फीसद आबादी व 31.6 क्षेत्रफल है. व संघ के ज़िलें 21 ज़िलें व 6 विभाग हैं.विदर्भ प्रांत कुल विभाग सात और नागपूर महानगर स्वतंत्र विभाग
1) बुलढाणा २) अकोला ३) अमरावती ४) यवतमाळ ५) चंद्रपूर ६) रामटेक ७) भंडारा
विदर्भ प्रांत कुल जिले
21 (एकीस)
१) बुलढाणा २) खामगाव ३) अकोला ४) अकोला ग्रामीण ५) वाशिम ६)अचलपूर ७)वर्धा ८) यवतमाळ ९) पुसद १०) पांढरकवडा ११) चंद्रपूर १२) अहेरी १३) गडचिरोली १४) ब्रह्मपुरी १५) रामटेक १६) काटोल १७) उमरेड १८) भंडारा १९) गोंदिया २०) अमरावती महानगर २१) अकोला महानगर नागपुर अलग विभाग है.वर्धा ज़िलें में पुराना काम था लेकिन नए सिरे से खड़ा करना पड़ेगा. इसी प्रकार से गधोचिरोली ज़िलें में लम्बे समय से काम नहीं था, अभी भी नहीं है.
2. सरकारी दो डिवीज़न नागपुर ( चन्दरपुर, वर्धा, नागपुर, गोंदिआ, भंडारा तथा अमरावती हैं. शेष अमरावती डिवीज़न में जिले: अकोला, अमरावती, बुलढाणा, वाशिम, यवतमाल)
सबसे बड़ा शहर नागपुर, दूसरा अमरावती तीसरा अकोला, चंद्रपुर एवं गोंदिआ .
संगठनात्मक स्थिति :
1.अकोला : अकोला हिंदी बोला! यहां प्रसिद्ध कृषि विविद्यालय नितिन गुप्ता इसके प्राध्यापक व ABVP अध्यक्ष हैं.
2.अमरावती थोड़ा कम है, अमित आरोकर सोलर, गुरव ने कान भरे। अब पूना जाने का कहा था लेकिन है यहीं।
3.भंडारा: तुमसर शहर प्रसिद्ध मंडी है. इस शहर के अधिकांश नागरिक अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ी जातियों से हैं। यहां का व्यापार सिंधी समुदाय के वर्चस्व में है। यहां की प्रमुख भाषामराठी है और अधिकतर लोग हिन्दी भी बोलते हैं। पंकज भूते अपना आईटीआई चलते हैं दायित्व संयोजक, अच्छे हैं। जिला प्रशिक्षक संदेश one way, अच्छा है, तीन साल हो गया। B two products that have been granted Geographical Indication (GI) tags:
· Bhandara Chinnor Rice (also known as Bhandara Chinoor Rice) (Agricultural Product)
· Karvat Kathi Saree (a traditional Tussar silk handloom product) (Handloom/Handicraft)
.
4.बुलढाणा : जीजा माता का जन्मस्थल, प्रसिद्ध ऐतिहासिक व पर्यटन स्थल. Shivaji bhaltilak 9834629830 krishi sahayak agriculturr dr punjabrao , विजय जोशी, मार्गदर्शक, प्राचार्य सेवा निवृत, अजय भारती संरक्षक, वाटर उद्योग, जिला संयोजक अजीत कुलकर्णी, कॉन्ट्रैक्टर
5.चंद्रपुर :सर्वाधिक सीमेंट के कारखाने अकेले चंद्रपूर जिले में है। कागज़ का कारखाना भी ब्लारपुर में है.
6.गडचिरोली : नक्सली क्षेत्र है. दत्तू सूत्र पावर, शिक्षक, वैद्य जी के रिश्तेदार, मिलिंद घेरते
7.गोंदिआ : छत्तीसगढ़ से सटा हुआ है. दो तीन बार मेरा जाना हुआ है. टीम भी बनी थी. अभी भाजपा के MP. गौरव जी घोटे जिला संयोजकिकल स्टोर, अच्छे,
8. नागपुर
9. वर्धा: स्वदेशी का तीर्थ है, इसी ज़िलें में आरवी में ठेंगड़ी जी का जन्मस्थान है और गाँधी जी का आश्रम वर्धा में हैं. राजीव दीक्षित जी भी कई यहाँ काफ़ी सक्रिय रहे हैं. परन्तु अभी उनके जन्मदिवस पर अजय पतकी जी उनके घर गए और कार्यक्रम में रहे।रामदास खड़क भाजपा MP हैं. Prashant gade, prant seh pramukh sampark adhikari.. Bhushan vaidya. Arvi men dr. Bams जिनके दादा संघ चालक. एवं kisan संघ. एक समिति बनी है, dattopant thengadi स्मृति समिति. पावरलूम का यहाँ है 100 किलोमीटर दूर टेक्सटाइल पार्क. लघु उद्योग भारती. दादाराव यादोराव mla केचे. Dadarao Dadarao Yadavraoji, Keche.
10. वाशिम : है और शिरपुर जैन में सहयोगी जैन संतो का स्थान है।Dinank May 2026, 24 jis din Jahangir ka fata ka chunav ka result aana tha use din main washroom mein tha sabse pahle sanmati engineering College ke andar
आज एक कार्यक्रम हुआ और वहां पर स्वावलंबन केंद्र का भी उद्घाटन किया गया हाल के अंदर लगभग 100 की उपस्थिति थी और 15, 20 मिनट के लिए शॉप नंबर का विषय हुआ। उसके मालिक श्री क्या नाम है उसके उसके मालिक प्रसन्न हवाई चले विभाग के संयोजक हैं और उनके संस्थान में संघ के भी कुछ वर्क हो चुकी है जैन है और वहां पर क्योंकि बहुत सारे तीर्थ स्थान हैं चौधरी शताब्दी के भी मंदिर वहां पर हैं इसलिए वहां पर एक और उसे काम को देखने वाले हैं क्या बोले तो चौहान नामक युवक और सारा स्टाफ भी उनको उपस्थित था। उसके बाद हम श्री प्रसन्न जी के घर गए और वहां से संघ कार्यालय में लगभग 30 35 वर्ष तिथि प्रमुख कार्यकर्ताओं की सभी संघ चालक थे सभी कार्यरत थे और वहां पर 5-7 मिनट स्वदेशी का विषय रखने का और जो नए पोस्टर बनाए गए थे उसको लॉन्च करने का कार्यक्रम भी हुआ। वाशिम जैसे छोटे स्थान पर इतना बड़ा कार्यालय देकर के मैं भी बहुत हैरान हुआ और कार्यालय की बनावट आदि बहुत ही उत्तम थी और संघ स्थान भी बहुत अच्छा था कार्यकर्ताओं की ड्यूटी हो सकती थी और बाद में जिला प्रचारक भी मिल गए जो संघ शिक्षा वितरण लौटे थे। इसके बाद केमिस्ट हाल के अंदर एक कार्यक्रम हुआ उसमें लगभग 30% संख्या थी नगर के प्रमुख कार्यकर्ता सभी आए थे माननीय संचालक भी थे और स्वदेशी का विचार हुआ तत्व साथ एक बैठक इसके अंदर पांच प्रमुख कार्यकर्ता थे उनके बीच में हुई और उसमें यह लक्ष्य दिया गया कि भले ही आज 6 कार्यकर्ता दायित्व वाले हैं आने वाले समय में दो मैच के अंदर 50 कार्यकर्ताओं को दायित्व देंगे। मंगेश की जो जिला प्रशिक्षक हैं वह पिताजी की अस्वस्थ तथा के कारण से बाहर गए थे वह भी सुबह मिलने आए और उनसे भी बात हुई और यहां पर 6 खंड है और इसी प्रकार से नगर में 8 बस्तियां हैं तो सभी के अंदर काम खड़ा होगा और उसने एमएसडब्ल्यू किया हुआ है। यहां का पोस्ट यहां का पत्रक आदि बहुत ही अच्छा बनाया गया था और जो डॉक्टर राजकुमार जी की 37 करोड़ वाली पुस्तक है वह भी प्रमुख कार्यकर्ताओं के पास थी कौन विधान का नाम क्या है। इसी प्रकार से आनंद जी का भतीजा शुभम सोहम सोहम वह भी साथ में था और उसने भी काफी प्रश्नों के अच्छे उत्तर दिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है उसके लिए पेपर देने हमारे साथ नागपुर किया प्रोग्राम।
11.यवतमाल.
2. आर्थिक स्थिति:
महाराष्ट्र के दो-तिहाई खनिज पदार्थ और तीन चौथाई वन सम्पदा विदर्भ में पाई जाती है, और अधिकांश बिजली उत्पादन महाराष्ट्र का यहीं से होता है. कोयला खदान और मूल्यवान मागणीज़ कि खदाने विदर्भ में ही बहुतायत में पाये जाते हैं। कोयला खदानो कि वजह से हि विदर्भ में चंद्रपूर, कोराडी, खापरखेडा, मौदा और तिरोडा में औष्णिक विद्युत निर्माण संयंत्र पाये जाते हैं जिससे संपुर्ण महाराष्ट्र विद्युत आपूर्ती में लाभान्वित होता है।
4. इसके व्यतिरिक्त चावल उत्पादन में तुमसर मंडी विदर्भ में हि है जो महाराष्ट्र में सबसे बड़ी कृषी उत्पाद कि मंडी का सम्मान पाती है। प्रसिद्ध बासमती चावल का उत्पादन भी इसी क्षेत्र में होता है। परन्तु दुर्भाग्य है कि महाराष्ट्र के जिन लगभग दो लाख किसानों ने आत्महत्या की थी जिसके 70 फीसद विदर्भ के थे. किशोर तिवारी अब शिवसेना कर प्रवक्ता जैन.
5. विदर्भ के हि चंद्रपूर जिले में महाराष्ट्र के कुल सिमेंट कारखानो में सर्वाधिक कारखाने अकेले चंद्रपूर जिले में है। विदर्भ में मराठी और हिन्दी बोली जाती हैं। विदर्भ सन 1956 तक मध्यप्रदेश प्रांत का उपक्षेत्र हुआ करता था। विदर्भ अब महाराष्ट्र प्रदेश में आता है,
6. विशेष व्यक्तित्व : महाराष्ट्र में हरितक्रांती और श्वेत क्रांती गोरराजवंशी वसंतराव नाईक रणसोत ने लायी, वे विदर्भ के ही थे , जलक्रांती के नायक सुधाकरराव नाइक भी विदर्भ से आते है। विदर्भ से मारोतराव कन्नमवार , वसंंतराव नायक, सुधाकरराव नायक और देवेंद्र फडणवीस के रूप में मुख्यमंत्री मिले। और प्रतिभा देविसींग शेखावत के रुपमे देश को महिला राष्ट्रपती मिलने का सौभाग्य भी मिला।
7. संस्थाए : विदर्भ economic डेवलपमेंट VED vikas काले, देवेंद्रर पारीख आदि. ऐसी ही संस्था संमित्र है जिसमे में भी जाऊंगा.
8. राजनीतिक स्थिति : 10 में पांच भाजपा, गढ़, गोंदिआ, नागपुर वर्धा आ एक्सउट अकोला. चंदरपुर घढ़, 62 में से 19 भाजपा कि.
9.
MIHAN (Multi-modal International Cargo Hub and Airport at Nagpur) is an international cargo hub.[25][26] MIHAN is for handling heavy cargo coming from South-East Asia and the Middle-East. The project also includes a ₹100 billion (US$1.3 billion) Special Economic Zone (SEZ)[27] for information-technology companies.[28]
Agriculture
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Farmland in Vidarbha region
Vidarbha has recently gained notoriety for the number of suicides committed by farmers. On 1 July 2006 the Prime Minister of India Manmohan Singh announced a ₹3,750-crore (37.5 billion rupee) relief package for Vidarbha.[29] The package is intended to help farmers in six districts of the region. However the package was not welcomed by most financial pundits and journalist P Sainath wrote in The Hindu that the package was destined to fail. Corruption was found amongst most of the officials involved with the packages and the government considered suspension of more than 400 officials in the scam.[30]
Mineral wealth
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Nagpur, Amravati, Yavatmal, Chandrapur, Gadchiroli, Bhandara form the main mineral belt, with coal and manganese as the major minerals. Chandrapur district contributes 29% of all mineral output of Maharashtra.[31] Iron ore and limestone are identified as potential mining resources.[32]
Industry
Nagpur, Amravati, Akola, Yavatmal, Wardha and Chandrapur are Large Industrial center in Vidarbha resp. Ballarpur Industries, India's largest manufacturer and exporter of paper is located in Chandrapur district.
दत्तोपंत हिंदी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में वहांकई स्मारकामनाने का काम जोगया परंतु श्री नहीं चढ़सकार सेसोचा गया।