परम बन्धुवर, सादर नमस्ते।
गत 12-13 दिसम्बर को दिल्ली में संपन्न हुई अपनी अखिल भारतीय बैठक मे यह तय हुआ कि अगले वर्ष का हमारा मुख्य कार्य होगा '#स्वावलंबी*जिला*निर्माण,'
राष्ट्रीय सभा में इस पर एक सत्र में चर्चा हुई। उसमें व उसके बाद जो सुझाव आए उसके अनुसार जो अच्छी बातें ध्यान आई वह लिख रहा हूँ। उसका हम उपयोग कर सकते हैं।
1. जिले का संगठनात्मक विकास एवं विस्तार। साथ-साथ वालंटियर डेटा पर काम करना ।हर जिले में इसका प्रमुख व 6-7 बंधुओं कि टीम रहे,जिसमें स्वदेशी के अलावा लघु उद्योगों,कृषि व अन्य अन्य प्रतिनिधि हो(स्वदेशी स्वावलम्बन अभियान टीम). क्योंकि यह काम बड़ा है अतः टीम भी उस अनुरूप बढ़ती जाए।
2. अपने जिले को अच्छे से जानें। यहां के लघुउद्योग, कृषि या अन्य विशेषताएं को चिन्हित करें, जहा पहले से ही अर्थ व रोजगार सृजन की स्थानीय सम्भावनाएं अधिक हो।आदि।
3. स्थानीय उत्पादों (जिले या बिल्कुल समीप के जिलों की) सूची तैयार करना,छपवाना ।
4. स्वदेशी मेले जिला स्तर पर या उससे नीचे खंड आदि पर करना.
5. व्यवसाय अनुसार बैठके, संपर्क एवं सम्मेलन।
6. नीतिगत हस्तक्षेप व सामाजिक अंकेक्षण। उसके लिए यह भी जरूरी है कि सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी लेना जो स्वरोजगार व लोन सब्सिडी,नये उद्योग,प्रशिक्षण आदी सम्बंधी हों।उन्हें युवाओं तक पहुचाने हेतु कोई व्यापक कार्यक्रम सोचना।
विशेष: ध्यान रखना की हम किसी प्रकार के प्रकल्प, आर्थिक प्रक्रिया को अपने हाथ मे न लें। हमारी भुमिका जागरण,प्रबोधन व सहयोग की है।
और हमें रिटेल,ई कामर्स,आत्मनिर्भर भारत या अन्य विषयों पर भी काम करना है।
अपने देश में 741 जिले हैं। लगभग 720 ज़िलों में डिजिटल हस्ताक्षर के समय कुछ ना कुछ सहयोग मिला। बाद के भी कार्यक्रमों में कम-अधिक सहयोग मिला है।उसे घनीभूत करने डिजिटल नेटवर्किंग करने की योजना करना उपयोगी होगा।
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