सौराष्ट्र प्रांत
दिनांक 11 सितंबर 2020
जिलों के नाम 1. अमरेली 2. भावनगर 3 बोटाद 4 देवभूमि द्वारका (खम्बालिया) 5. गीर सोमनाथ (वेरावल) 6. जामनगर 7. जूनागढ़ 8. कच्छ ( भुज) 9. मोरवी 10 पोरबंदर 11 राजकोट 12 सुरेंद्रनगर
महेंद्र पंड्या: 3.अमरेली,तथा (सावरकुंडला) बोटाद, जूनागढ़
विनोद कनेरिया प्रोफ तथा गिरीश भाई बैंकवाले कर्माटा, दोनों ने गिर सोमनाथ इनके नेटिव स्थान हैं।
गौतम भाई पटेल मौरवी के लिए उनका नेटिव भी है। बिल्डर हैं। तथा सुरेंदर नगर भी लिया।
गिरीश कर्मटा इनकी बेटी कच्छ में है, वही भी लिया।
खाली ज़िले खम्बालिया व जूनागढ़।
श्री दवे जी बार बार इसी प्रान्त के सब ज़िलों का प्रवास करें तो8 एक प्रान्त तो बढिया हो जाएगा। सौराष्ट्र प्रान्त में एक नाम ट्रस्ट में अजय पतकी जी का और इधर गुजरात वाले ट्रस्ट में भी रखना चाहिए केंद्रीय।
मेरे साथ इस प्रांत के पहली बैठक माननी चाहिए और बहुत सफल तैयारी के साथ और लाभप्रद बैठक थी । प्रांत संयोजक हितेन त्रिवेदी ने सबसे पहले मंत्रोचार के लिए श्रीमती नयना पेढनिया को बुलाया तत्पश्चात जागृति भावे, एडवोकेट, ने एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया और जामनगर से प्रतिवेदन शुरू हुआ। इतना अच्छा प्रतिवेदन अभी तक शायद ही किसी प्रांत का हुआ हो और हर एक के वृत निवेदन के बाद उसको समझाते हुए जो बचे हुए काम की है हिदायत भी त्रिवेदी देता था। संख्या 18 रही पांच शायद महिलाएं थी और यह भी गुजरात में पहली बार हुआ कितनी बड़ी संख्या में स्तर पर महिलाओं की भागीदारी है। मनोज कुमारी चौहान, सह नगर प्रमुख भावनगर। ऐसा लगता है कि मुझे थोड़ी तैयारी और करनी चाहिए थी और 1 जिले का वृत मांगता और थोड़ा पूछता के कौन-कौन सा जिला रह गए हैं तो और अच्छा रहता है। कई सारे कार्यकरता वहां राजकोट से भावनगर से जामनगर पोरबंदर आदि के थे शेष स्थानों का नाम मुझे भी नहीं आता और प्रतिनिधित्व का भी है ध्यान नहीं है। जिनके नाम में पहले से जानता हूं वह किशोर भाई दवे महेंद्र भाई पंड्या भावनगर से त्रिवेंद्र विधि हितेन त्रिवेदी विनोद भाई कक्कड़ पोरबंदर और पठानिया पति पत्नी राजकोट। शायद इससे अधिक नहीं।
सभी जिलों की सूची यह कर उनके आगे सक्रिय निष्क्रिय थोड़े सक्रिय ऐसे भरना नंबर दो छोटे कार्यक्रम इस प्रकार से अर्थ एवं रोजगार सृजन के करना इसके पद्धति पूछना और समझाना अल्पविराम। महिलाओं का दायित्व ऐसा पता करना सौराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर एक नोट तैयार करना है वह इन कार्यकर्ताओं को भी ऐसा करने को कहना। विपिनभाई कक्कड़ नितिन त्रिवेदी महेंद्र भाई पंड्या और मणिलाल कांडलाजी, बुजुर्ग, जामनगर इनके साथ संबंध रखना श्रीमती नैना पेढनिया का नाम भी इसमें जोड़ा जा सकता है। उनके पति विनोद भाई भी सक्रिय, बेटा धैर्य पेढनिया फ़ोटो अच्छी खींचता है।
राजकोट से ही शिक्षक गौतम भहाइ पटेल ने भी अच्छा वृत दिया। युवा शक्ति मे अभाव दिखा अतः जैसे महिला प्रमुख हैं उसी प्रकार से युवा प्रमुखों को स्थान स्थान पर घोषित करने के लिए कहना अच्छा रहेगा। यहां का आईटी सेक्टर का काम कौन संभालेगा यह भी देखना पड़ेगा और आर्थिक विषयों को जानकार भी कोई यह तो जोड़ना पड़ेगा राम इनमें से एक भी प्राध्यापक यह पूर्व ऑफिसर वगैरह नहीं रहा हुआ था।
आरती संजय वेगाड युवा महिला जो भावनगर से थी, एक्टिव है।
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